भावपूर्ण श्रद्धांजली।

 

नारायण काका - नारायण दादा - नारायण भाई भंडारी ; उनका जीवन ही कार्यकर्त्ता का जीवंत उदाहरण बन गया। सदा अपने उत्साह व विचारों से वह चिरंतन युवा ही रहे ,

उनका जीवन सार्वजनिक जीवन में सबके लये प्रेरक बन गया है। उनके प्रति अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की भावपूर्ण श्रद्धांजली।

-सुनील आंबेकर,
राष्ट्रीय संगठन मंत्री,
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद.

Date: 
Mar09